आजकल फोन पर पुलिस अधिकारी, CBI, बैंक मैनेजर या कूरियर कंपनी बनकर लोगों को करोड़ों की चपत लगाई जा रही है। AI वॉइस क्लोन, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी APK शादी कार्ड और AePS आधार क्लोनिंग से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने की संपूर्ण प्रामाणिक गाइड।
"गोल्डन आवर" (पहले 2 घंटे): तुरंत 1930 डायल करें या बैंक को सूचित करें। समय रहते कॉल करने से ठगा गया पैसा संदिग्ध बैंक खाते में ही ब्लॉक कर दिया जाता है!
वर्तमान में सक्रिय और भविष्य में आने वाले सभी गंभीर साइबर खतरों की विस्तृत जानकारी नीचे दिए गए पेजों में पढ़ें:
स्काइप/व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर पुलिस स्टेशन का नकली सेटअप बनाकर, सुप्रीम कोर्ट व ED के फर्जी वारंट दिखाकर घंटों बंधक बनाकर वसूली करना।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से आपके बेटे, बेटी या रिश्तेदार की हूबहू आवाज तैयार कर अस्पताल/पुलिस केस का फर्जी रोना रोकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करवाना।
व्हाट्सएप पर 'Wedding_Invitation.apk' या 'Traffic_Challan.apk' भेजकर फोन में ट्रोजन वायरस डालना, जिससे फोन के सारे SMS व OTP फॉरवर्ड हो जाते हैं।
रजिस्ट्री कार्यालय या जमीन दस्तावेजों से फिंगरप्रिंट की कॉपी सिलिकॉन रबर पर बनाकर आधार एनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) से बैंक खाते से पैसे निकालना।
"घर बैठे यूट्यूब वीडियो लाइक करें या होटल रेटिंग दें, रोज ₹3000 कमाएं।" शुरुआत में ₹500 का मुनाफा देकर बाद में वीआईपी टास्क के नाम पर लाखों ठगना।
व्हाट्सएप वीआईपी ग्रुप में बड़े विदेशी फंड मैनेजर बनकर 1000% रिटर्न और 100% गारंटीड IPO अलॉटमेंट का झांसा देकर फर्जी ऐप में निवेश करवाना।
"आज रात 9:30 बजे बिजली कट जाएगी, तुरंत इस नंबर पर संपर्क करें।" या "पैसे प्राप्त करने के लिए QR कोड स्कैन करें और UPI पिन डालें।"
FedEx या इंडिया पोस्ट के नाम से कॉल: "आपके नाम से ताइवान जा रहे पार्सल में 5 फर्जी पासपोर्ट और 140 ग्राम MDMA ड्रग्स पकड़ी गई है, आपका केस क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया गया है।"
नीचे दिए गए 5 प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी डिजिटल सुरक्षा जांचें:
इन 10 बुनियादी सावधानियों को गांठ बांध लें, कोई भी ठग आपका 1 रुपया नहीं चुरा पाएगा:
बैंक, पुलिस या कोई भी अधिकारी कभी भी फोन पर आपसे OTP नहीं मांगता।
UPI QR कोड या PIN सिर्फ पैसे कटवाने के लिए होता है, प्राप्त करने के लिए नहीं।
व्हाट्सएप पर आया शादी का कार्ड, बिजली बिल या ई-चालान APK खतरनाक वायरस है।
mAadhaar ऐप से अपना फिंगरप्रिंट लॉक रखें, जरूरत पड़ने पर 10 मिनट के लिए खोलें।
अंजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk, TeamViewer या QuickSupport कभी डाउनलोड न करें।
CBI, ED, कस्टम या पुलिस कभी भी वीडियो कॉल पर पूछताछ या अरेस्ट नहीं करती।
यूट्यूब वीडियो लाइक करके या टेलीग्राम पर पैसे कमाने के सभी वादे 100% स्कैम हैं।
AI से रिश्तेदार की आवाज में फर्जी कॉल आए तो घर का गोपनीय कोड-वर्ड पूछें।
व्हाट्सएप ग्रुप के कहने पर किसी भी अनजान ऐप या विदेशी खाते में शेयर निवेश न करें।
पहले 2 घंटे में कॉल करें ताकि पैसा अपराधी के खाते में ट्रांसफर होने से पहले फ्रीज हो सके।
साइबर अपराध से निपटने के लिए गृह मंत्रालय और दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा जारी आधिकारिक पोर्टल्स: