साइबर अपराध सतर्कता प्रकोष्ठ | डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड गाइड
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देश का सबसे बड़ा और खतरनाक फ्रॉड

डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest): CBI, ED व पुलिस कॉल की पूरी सच्चाई

यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, CBI, कस्टम या सुप्रीम कोर्ट बताकर वीडियो कॉल पर आपको कमरे में बंद रहने और पैसे ट्रांसफर करने को कहे — तो यह 100% इंटरनेशनल फ्रॉड सिंडिकेट है!

अपराधी आपको कैसे फंसाते हैं? (Modus Operandi)

1
पहला कॉल (टेलीकॉम/कूरियर अधिकारी बनकर):

आपको फोन आता है: "आपके आधार कार्ड से 15 फर्जी सिम कार्ड जारी हुए हैं, जिनका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों या गैरकानूनी विज्ञापनों में हुआ है।" या "आपके नाम से ताइवान भेजे गए पार्सल में ड्रग्स निकली है।"

2
कॉल को नकली पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर करना:

वे कहते हैं कि आपकी बात मुंबई क्राइम ब्रांच या CBI के सीनियर अफसर से करवा रहे हैं। फिर स्काइप (Skype) या व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल करने को मजबूर किया जाता है।

3
नकली पुलिस स्टेशन सेटअप व फर्जी वारंट:

वीडियो कॉल पर सामने वाला व्यक्ति पुलिस की वर्दी में बैठा दिखता है, पीछे पुलिस का लोगो और वायरलेस की आवाजें आ रही होती हैं। वह स्क्रीन पर आपके नाम का फर्जी अरेस्ट वारंट और सुप्रीम कोर्ट का 'गोपनीय आदेश' दिखाता है।

4
कमरे में बंद रखना और 'डिजिटल अरेस्ट' की धमकी:

वे आपको आदेश देते हैं: "कमरे का दरवाजा बंद रखें, कैमरे के सामने रहें, किसी रिश्तेदार या वकील को फोन न करें, वरना तुरंत फोर्स आपके घर भेजकर गिरफ्तार कर लेगी।"

5
'सत्यापन' के नाम पर बैंक खाते खाली कराना:

वे कहते हैं: "आपके खातों की जांच RBI द्वारा होनी है, अपनी सारी FD तोड़कर और बैंक बैलेंस हमारे 'सरकारी सुरक्षा खाते' में ट्रांसफर करें। जांच के बाद 30 मिनट में पैसा वापस आ जाएगा।" जैसे ही आप पैसे भेजते हैं, वे कॉल काट देते हैं!

वास्तविक घटना का उदाहरण:

हाल ही में एक रिटायर्ड अधिकारी को नकली CBI अधिकारी बनकर 4 दिन तक वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट रखा गया और उनकी जीवन भर की जमा पूंजी (₹1.8 करोड़) 'आरबीआई वेरिफिकेशन' के नाम पर ठग ली गई। जब असली पुलिस के पास पहुंचे तो पता चला कि कॉल कंबोडिया/म्यांमार से आ रही थी।

डिजिटल अरेस्ट से बचने के अचूक नियम

क्या करें (Do's)

  • ऐसा कोई भी कॉल आए तो तुरंत फोन काट दें।
  • अपने नजदीकी थाने या 112 पर फोन करके बताएं।
  • तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
  • अपने परिवार और दोस्तों को तुरंत इस कॉल की जानकारी दें।
  • DoT के चक्षु पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) पर फ्रॉड नंबर रिपोर्ट करें।

क्या कभी न करें (Don'ts)

  • किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्काइप/व्हाट्सएप वीडियो कॉल न उठाएं।
  • किसी भी दबाव में आकर कमरे में बंद न हों।
  • किसी भी 'सरकारी या सीक्रेट वेरिफिकेशन' खाते में पैसे कभी न भेजें।
  • अपने आधार, पैन या बैंक खाते की जानकारी फोन पर न बताएं।
  • डरें नहीं! कोई भी पुलिस बल बिना भौतिक वारंट के किसी को ऐसे अरेस्ट नहीं कर सकता।

यदि पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं तो तुरंत ये 3 काम करें:

1
तुरंत 1930 पर कॉल करें: पहले 2 घंटे (Golden Hour) में कॉल करने से ठग का बैंक खाता तत्काल फ्रीज हो जाता है और आपका पैसा बच सकता है।
2
अपने बैंक को सूचित करें: अपने बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके ट्रांजेक्शन को 'Cyber Fraud Dispute' के रूप में दर्ज करवाएं।
3
cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें: कॉल डिटेल, ट्रांजेक्शन UTR नंबर और चैट स्क्रीनशॉट के साथ राष्ट्रीय पोर्टल पर लिखित FIR दर्ज कराएं।
अभी 1930 डायल करें cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें साइबर सुरक्षा हब पर लौटें