कस्टम्स विभाग व कूरियर कंपनियों की वास्तविक कार्यप्रणाली:
FedEx, DHL या इंडिया पोस्ट कभी भी किसी ग्राहक को व्यक्तिगत मोबाइल नंबर से फोन करके यह नहीं कहते कि आपके पार्सल में ड्रग्स मिली है। यदि वास्तव में किसी पार्सल में कोई अवैध वस्तु पाई जाती है, तो कस्टम्स विभाग या पुलिस कानूनी समन (Postal Summons) सीधे आपके पते पर डाक द्वारा भेजती है और आपको थाने या दफ्तर में सशरीर उपस्थित होने को कहती है। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर 'केस रफा-दफा करने' या 'वेरिफिकेशन फीस' के नाम पर बैंक ट्रांसफर नहीं करवाती!
कूरियर पार्सल स्कैम का चक्रव्यूह (Modus Operandi)
आपको फोन आता है: "आपका एक अंतरराष्ट्रीय पार्सल रोक दिया गया है। अधिक जानकारी के लिए 9 दबाएं।" 9 दबाते ही कॉल एक ठग को ट्रांसफर हो जाती है।
ठग कहता है: "मुंबई से ताइवान जा रहे आपके पार्सल में 140 ग्राम MDMA ड्रग्स, 4 लैपटॉप और 5 फर्जी पासपोर्ट पकड़े गए हैं। इस पार्सल में आपका आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लगा हुआ है।" जब आप कहते हैं कि मैंने कोई पार्सल नहीं भेजा, तो वह कहता है: "इसका मतलब आपका आधार गलत हाथों में है, आपका केस नारकोटिक्स ब्यूरो (NCB) को ट्रांसफर किया जा रहा है।"
कॉल दूसरे व्यक्ति को जाती है जो खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच या NCB का अधिकारी बताता है। वह आपको तुरंत स्काइप या व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर आने को कहता है।
वे फर्जी FIR और अरेस्ट वारंट दिखाते हैं। फिर कहते हैं: "यदि आप निर्दोष हैं तो साबित करने के लिए अपने सभी बैंक खातों की राशि हमारे 'RBI सिक्योर एस्क्रो अकाउंट' में ट्रांसफर करें ताकि मनी लॉन्ड्रिंग की जांच हो सके। 1 घंटे में पैसा वापस मिल जाएगा।"
जैसे ही पीड़ित अपनी बचत भेजता है, कॉल काट दी जाती है और नंबर ब्लॉक हो जाता है।
भारतीय डाक (India Post) और FedEx दोनों ने आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट किया है कि वे कभी भी पार्सल रोकने या कस्टम ड्यूटी के नाम पर व्यक्तिगत खातों में पैसे नहीं मांगते। ऐसे सभी कॉल्स कंबोडिया, म्यांमार और थाईलैंड में बैठे चीनी साइबर सिंडिकेट्स द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।
कूरियर फ्रॉड से बचने के जरूरी नियम
क्या करें (Do's)
- जब आपने कोई पार्सल भेजा ही नहीं, तो तुरंत कॉल काट दें।
- यदि कोई संदेह हो तो सीधे अपने नजदीकी पुलिस थाने जाएं।
- इस फर्जी कॉल की सूचना तुरंत 1930 और चक्षु पोर्टल पर दें।
- अपने परिवार के बुजुर्गों और महिलाओं को इस ठगी के बारे में सचेत करें।
क्या कभी न करें (Don'ts)
- फोन पर किसी को अपनी पहचान साबित करने के लिए पैसे कभी न भेजें।
- किसी भी अनजान कूरियर कर्मचारी के कहने पर वीडियो कॉल पर न जुड़ें।
- डरें नहीं — कोई भी पुलिस केवल फोन कॉल पर किसी को दोषी नहीं ठहरा सकती।
- अपने बैंक खाते, FD या म्यूचुअल फंड का ब्यौरा अजनबियों को न दें।