छत्तीसगढ़ किसानों को इनपुट सब्सिडी, अंतर राशि व भूमिहीन कृषि मजदूर योजना की अद्यतन जानकारी
छत्तीसगढ़ में सरकार परिवर्तन के पश्चात पूर्ववर्ती राजीव गांधी किसान न्याय योजना को नई "कृषक उन्नति योजना" के रूप में क्रियान्वित किया गया है। अब किसानों को 4 किस्तों के इंतज़ार के बजाय धान खरीदी के समर्थन मूल्य के अतिरिक्त ₹917 प्रति क्विंटल की एकमुश्त अंतर राशि सीधे बैंक खाते में दी जा रही है।
छत्तीसगढ़ के किसानों की फसल लागत कम करने, उत्पादकता बढ़ाने और उन्हें लाभकारी मूल्य दिलाने के उद्देश्य से धान, मक्का, कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को आदान सहायता (Input Subsidy) प्रदान की जाती रही है। भूमिहीन परिवारों के लिए 'दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना' (पूर्व नाम: राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना) के तहत प्रति वर्ष ₹10,000 की सम्मान राशि दी जाती है।
| योजना का नाम | कृषक आदान सहायता / भूमिहीन मजदूर योजना |
| विभाग | कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ |
| धान का कुल मूल्य | ₹3,100 प्रति क्विंटल (21 क्विंटल प्रति एकड़ सीमा) |
| भूमिहीन मजदूर सहायता | ₹10,000 प्रति वर्ष (सीधे बैंक खाते में) |
| पात्र हितग्राही | पंजीकृत किसान, चरवाहा, लोहार, बढ़ई, नाई, धोबी, भूमिहीन मजदूर |
| भुगतान का माध्यम | आधार बेस्ड DBT (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) |
| आधिकारिक पोर्टल | kisan.cg.nic.in |
kisan.cg.nic.in पोर्टल पर जाकर अपना किसान कोड या आधार नंबर दर्ज करके भुगतान का स्टेटस देख सकते हैं। यदि आपके खाते में राशि नहीं आई है, तो बैंक में जाकर NPCI मैपिंग चेक कराएं।
नरेश ऑनलाइन सेंटर पर आकर आप अपनी किसान पर्ची, रकबा सत्यापन और DBT पेमेंट स्टेटस तुरंत चेक करा सकते हैं।
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