1 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) क्या है?
PMFBY केंद्र सरकार की सबसे बड़ी किसान सुरक्षा योजना है। छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए धान, सोयाबीन, मक्का, चना, गेहूं और दलहन-तिलहन फसलों को अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने हेतु यह कवच प्रदान करती है। बहुत कम प्रीमियम देकर किसान अपनी पूरी फसल का बीमा करा सकते हैं।
2 योजना: एक झलक में (Ek Jhalak)
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) |
| किसान प्रीमियम दर | खरीफ (धान): मात्र 2% | रबी (चना/गेहूं): मात्र 1.5% |
| बाकी प्रीमियम कौन देता है | केंद्र व राज्य सरकार मिलकर 80% से 90% सब्सिडी देती हैं |
| क्लेम इंटीमेशन समय | नुकसान के 72 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य |
| किस स्थिति में मुआवजा | बाढ़, सूखा, जलभराव, चक्रवात, ओलावृष्टि, कीट रोग, कटाई उपरांत नुकसान |
| टोल फ्री नंबर | 14447 (किसान कॉल सेंटर) व Crop Insurance App |
| आधिकारिक पोर्टल | pmfby.gov.in |
3 पात्रता (किन किसानों को मिलता है लाभ?)
सभी भू-स्वामी (Landholder) किसान जिनके नाम पर खसरा / B-1 है।
बंटाईदार एवं पट्टेदार (Sharecropper / Tenant) किसान भी पात्र हैं।
KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) धारक किसान व गैर-ऋणी किसान दोनों शामिल।
अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल बोने वाले किसान।
4 आवश्यक दस्तावेज़ चेकलिस्ट
आधार कार्ड (फोटोकॉपी)
जमीन के कागज़ात: B-1 व खसरा नकल (नवीनतम)
बैंक पासबुक (जिसमें IFSC कोड स्पष्ट हो)
बुवाई प्रमाण पत्र (पटवारी या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा)
चालू मोबाइल नंबर
5 ऑनलाइन बीमा कराने की प्रक्रिया
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दस्तावेज़ जमा: अपने जमीन के खसरा, आधार कार्ड व पासबुक की कॉपी लेकर आएं।
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CSC / PMFBY पोर्टल एंट्री: सर्वे नंबर (Khasra No.) के अनुसार फसल रकबा व धान का चयन किया जाता है।
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न्यूनतम प्रीमियम भुगतान: प्रति एकड़ सरकार द्वारा तय नाममात्र प्रीमियम राशि का भुगतान होता है।
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पॉलिसी रसीद डाउनलोड: तुरंत आपको Insurance Policy Receipt (बीमा पावती) प्रिंट मिल जाती है।
6 ⚡ नुकसान होने पर 72 घंटे में क्लेम कैसे दर्ज करें?
यदि अत्यधिक बारिश, सूखा, ओलावृष्टि या कीटों से फसल नष्ट हो जाए तो 72 घंटे के भीतर निम्नलिखित में से किसी एक माध्यम से सूचना दर्ज करवाएं:
- Crop Insurance App: गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर खेत की फोटो सहित क्लेम सबमिट करें।
- टोल फ्री नंबर 14447: कॉल करके पॉलिसी नंबर बताकर शिकायत दर्ज कराएं।
- नरेश ऑनलाइन सेंटर: हमारे सेंटर पर तुरंत आएं, हम पोर्टल पर आपकी क्लेम शिकायत तत्काल दर्ज कर देंगे।
7 आवेदन की स्थिति व बीमा क्लेम कैसे चेक करें?
pmfby.gov.in पर "Application Status" पर जाएं और अपनी पावती संख्या (Receipt No.) दर्ज करें। सर्वे टीम के निरीक्षण के बाद क्लेम की स्वीकृत राशि सीधे आपके आधार लिंक बैंक खाते (DBT) में क्रेडिट होती है।
8 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
अगर KCC लोन नहीं लिया है तो क्या फसल बीमा करा सकते हैं?
हाँ! गैर-ऋणी (Non-Loanee) किसान भी अपनी जमीन के खसरा व आधार कार्ड के आधार पर CSC सेंटर से आसानी से फसल बीमा करा सकते हैं।
धान की फसल के लिए प्रीमियम कितना लगता है?
धान खरीफ फसल में आता है, जिसके लिए बीमित राशि का मात्र 2% किसान को देना होता है। बाकी पूरा प्रीमियम शासन वहन करता है।
72 घंटे के बाद सूचना देने पर क्या क्लेम मिलेगा?
व्यक्तिगत नुकसान (जैसे ओलावृष्टि, जलभराव) में 72 घंटे की समय-सीमा का पालन जरूरी है। व्यापक सूखे में पटवारी गिरदावरी व उपज कटाई प्रयोग (CCE) के आधार पर गांव स्तर पर क्लेम तय होता है।
क्या कटाई के बाद खेत में सूखने रखी फसल का भी बीमा होता है?
हाँ, फसल कटाई के बाद अधिकतम 14 दिनों तक खेत में सूखने रखी फसल के चक्रवात या बेमौसम बारिश से नुकसान होने पर भी क्षतिपूर्ति मिलती है।
📍 नरेश ऑनलाइन सेंटर, बिलाईगढ़ — अपनी B-1, पासबुक और आधार कार्ड हमें WhatsApp करें। हम सटीक खसरा नंबर के साथ ऑनलाइन बीमा पंजीयन करके पावती आपके व्हाट्सएप पर भेज देंगे।
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