📍 करबाडबरी (पौनी), बिलाईगढ़ (CG)  9399358665 | ऑपरेटर: 8224808028  संचालक: नरेश बघेल | ऑपरेटर: हेमन बघेल
महत्वपूर्ण सूचना (Statutory Disclaimer): यह एक निजी सूचना एवं डिजिटल सेवा सहायता पोर्टल है (नरेश ऑनलाइन सेंटर, बिलाईगढ़)। यह भारत सरकार या छत्तीसगढ़ शासन की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। सभी आधिकारिक सेवाएं संबंधित विभागों के शासकीय पोर्टल द्वारा संचालित होती हैं।
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राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग (Revenue & Disaster Management)

छत्तीसगढ़ शासन — भूमि अभिलेखों (भुइयां खसरा B-1, भू-नक्शा) का डिजिटल प्रबंधन, जाति-निवास-आय ई-प्रमाण पत्र, नामांतरण व आपदा राहत मुआवजा सेवाएं।

🌾 भुइयां भू-अभिलेख डिजिटल साइन 🗺️ भू-नक्शा ऑनलाइन प्रति 📜 ई-प्रमाण पत्र (e-District) 🛡️ प्राकृतिक आपदा राहत व मुआवजा
₹20 प्रति पेज
खसरा P-II व B-1 किश्तबंदी प्रिंट
2 मिनट में
डिजिटल हस्ताक्षरित भू-नक्शा डाउनलोड
100% ऑनलाइन
तहसील व पटवारी नामांतरण आवेदन
🎯 योजना / विभाग के मुख्य उद्देश्य (Purpose)
भूमि अभिलेखों (Bhu-naksha, Khasra) का डिजिटल रखरखाव और सुरक्षित प्रबंधन
राज्य की समस्त कृषि एवं आवासीय भूमि के खसरा, बी-1 किश्तबंदी खतौनी और भू-नक्शे को डिजिटल प्लेटफॉर्म (भुइयां पोर्टल) पर सुरक्षित रखना, ताकि किसानों व भू-स्वामियों को बिना पटवारी के चक्कर काटे 24x7 अपने पारदर्शी रिकॉर्ड प्राप्त हो सकें।
नागरिकों को आय, जाति, निवास जैसे महत्वपूर्ण प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध कराना
e-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित 7 से 15 दिनों में तहसीलदार द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित स्थायी जाति (ST/SC/OBC), मूल निवास और आय प्रमाण पत्र पारदर्शी रूप से जारी करना।
प्राकृतिक आपदाओं (सूखा, बाढ़) के समय त्वरित राहत और सहायता पहुंचाना
ओलावृष्टि, अत्यधिक वर्षा, बाढ़, सूखा अथवा आकाशीय बिजली से फसलों, मकानों और पशुधन को हुई क्षति का तुरंत राजस्व आरबीसी 6-4 (RBC 6-4) सर्वे कर पीड़ित परिवारों के बैंक खाते में सीधा आर्थिक मुआवजा अंतरित करना।
✅ आम नागरिकों के लिए प्रमुख लाभ (Benefits)
डिजिटल नकल
ऑनलाइन खसरा-खतौनी
घर बैठे अपनी जमीन के कागजात — खसरा (P-II), बी-1 (किश्तबंदी खतौनी) और डिजिटल खेत का नक्शा (Bhu-naksha) आधिकारिक बारकोड व क्यूआर कोड सहित प्राप्त करें।
खसरा देखें
e-District सेवा
ई-प्रमाण पत्र
बिना दफ्तर या कचहरी जाए आय, स्थायी जाति (ST/SC/OBC) और मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करें और घर बैठे स्वीकृत डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड करें।
प्रमाण पत्र गाइड देखें
RBC 6-4 सहायता
आपदा राहत व मुआवजा
प्राकृतिक आपदा, बाढ़, आगजनी, सूखा या आंधी-तूफान से फसल, मकान या पशु नुकसान होने पर सरकार से निर्धारित राजस्व नियमों के अनुसार त्वरित आर्थिक सहायता और मुआवजा प्राप्त करें।
मुआवजा सहायता लें
राजस्व न्यायालय
नामांतरण और बंटवारा
जमीन खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री), फौती (वारिसाना हक) नामांतरण, आपसी सहमति बंटवारा और सीमांकन (नपती) हेतु ऑनलाइन आवेदन व सुधार की पारदर्शी सुविधा।
नामांतरण स्थिति
खसरा, B-1 व भू-नक्शा निकालने की सरल प्रक्रिया (Process)
1
ग्राम व खसरा विवरण: अपने जिले (जैसे सारंगढ़-बिलाईगढ़), तहसील, राजस्व निरीक्षक (RI) मंडल और गांव का चयन करें।
2
खसरा नंबर या नाम से खोजें: अपना खसरा नंबर डालें या भू-स्वामी के नाम के प्रथम 2 अक्षर हिंदी में लिखकर खोजें।
3
डिजिटल हस्ताक्षर सत्यापन: खसरा (P-II) अथवा B-1 किश्तबंदी खतौनी पर क्लिक करें — उस पर राजस्व विभाग का अधिकृत बारकोड जनरेट होगा।
4
प्रिंट व धान खरीदी में उपयोग: इस डिजिटल प्रति पर किसी भी अधिकारी के सील-मुहर की आवश्यकता नहीं होती; यह धान खरीदी पंजीयन, KCC बैंक लोन और रजिस्ट्री में 100% मान्य है।

नरेश ऑनलाइन सेंटर बिलाईगढ़ पर राजस्व सेवा

खसरा B-1 एवं भू-नक्शा मात्र ₹20 प्रति पेज पर डिजिटल साफ प्रिंट प्राप्त करें। जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र का फॉर्म व नामांतरण आवेदन हेतु हमारे केंद्र पर संपर्क करें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या कंप्यूटर से निकली खसरा B-1 पर पटवारी के दस्तखत जरूरी हैं?
नहीं! छत्तीसगढ़ शासन के आदेशानुसार भुइयां पोर्टल (bhuiyan.cg.nic.in) से डाउनलोड की गई डिजिटल हस्ताक्षरित खसरा व B-1 नकल पूरी तरह वैधानिक है। इसमें नीचे डिजिटल साइन और यूनिक बारकोड होता है, अतः किसी भौतिक मुहर की आवश्यकता नहीं होती।
2. रजिस्ट्री के बाद नामांतरण (Mutation) होने में कितना समय लगता है?
पंजीयन (रजिस्ट्री) के बाद स्वतः ई-नामांतरण प्रकरण तहसीलदार न्यायालय में दर्ज होता है। 15 दिनों की इश्तहार (दावा-आपत्ति) अवधि के बाद कोई आपत्ति न होने पर तहसीलदार द्वारा नामांतरण आदेश पारित कर भुइयां रिकॉर्ड अपडेट कर दिया जाता है।
3. फसल नुकसान होने पर आपदा राहत (RBC 6-4) मुआवजा कैसे मिलता है?
प्राकृतिक आपदा होने पर स्थानीय हल्का पटवारी व कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा गांव का गिरदावरी सर्वे किया जाता है। नुकसान की सूची तहसील कार्यालय में जमा होने के बाद शासन द्वारा सीधे किसान के बैंक खाते में आरबीसी 6-4 राहत राशि अंतरित की जाती है।
4. क्या खेत का नक्शा (Bhu-naksha) भी ऑनलाइन निकाला जा सकता है?
हाँ! छत्तीसगढ़ भू-नक्शा पोर्टल (bhunaksha.cg.nic.in) से किसी भी खसरे का पैमाना आधारित नक्शा, सीमांकन एवं चौहद्दी का नक्शा सीधे पीडीएफ रूप में डाउनलोड व प्रिंट किया जा सकता है।
WhatsApp भुइयां पोर्टल कॉल: 9399358665