किसानों का खसरा विवरण (P-II), बी-I किश्तबंदी खतौनी, नामांतरण की वर्तमान स्थिति, नया नामांतरण आवेदन, नोटिस व इश्तहार, नामांतरण पंजी नकल एवं खेत का डिजिटल भू-नक्शा डाउनलोड।
छत्तीसगढ़ शासन का आधिकारिक भू-अभिलेख पोर्टल जहां से खसरा, खतौनी, नामांतरण और राजस्व न्यायालय की समस्त सेवाएं संचालित होती हैं।
अपने जिले, तहसील, पटवारी हल्का व गांव का चयन करके खसरा नंबर अथवा नाम से जमीन का पूरा ब्यौरा व रकबा ऑनलाइन देखें।
जमीन की रजिस्ट्री या फौती के बाद दिए गए नामांतरण आवेदन का लाइव स्टेटस ट्रैक करें — फाइल किस स्तर पर है और अगली पेशी कब है।
जमीन की खरीदी-बिक्री, फौती (मृत्यु उपरांत वारिसान) अथवा बंटवारा के बाद राजस्व रिकॉर्ड में नाम बदलने हेतु ऑनलाइन आवेदन दर्ज करें।
तहसीलदार न्यायालय द्वारा नामांतरण प्रकरणों में जारी सार्वजनिक इश्तिहार देखें, ताकि किसी गलत नामांतरण पर समय रहते दावा-आपत्ति की जा सके।
स्वीकृत नामांतरण आदेश की प्रमाणित पंजी नकल खोजें व डाउनलोड करें, जो जमीन के मालिकाना हक का कानूनी व राजस्व प्रमाण होता है।
डिजिटल हस्ताक्षरित B-1 (किश्तबंदी खतौनी) और P-II (खसरा रिपोर्ट) सीधे डाउनलोड करें। इसमें आधिकारिक क्यूआर बारकोड होता है।
अपने खसरे का वास्तविक नक्शा, सीमाएं, मेढ़, पड़ोसी खसरा नंबर और चौहद्दी की डिजिटल रंगीन प्रिंट प्राप्त करें।
भुइयां छत्तीसगढ़ सरकार का एक भू-अभिलेख कंप्यूटरीकरण प्रोजेक्ट है। इसका मुख्य उद्देश्य भूमि संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल बनाना और नागरिकों को आसानी से ऑनलाइन उपलब्ध कराना है।
इस पोर्टल के माध्यम से कोई भी नागरिक अपनी जमीन का खसरा, खतौनी और नक्शा देख सकता है, जिससे भूमि संबंधी धोखाधड़ी कम होती है और पारदर्शिता बढ़ती है। नामांतरण जैसी प्रक्रियाओं के ऑनलाइन होने से नागरिकों को पटवारी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे समय और धन की बचत होती है।
डिजिटल बारकोड और ऑनलाइन रिकॉर्ड होने से दोहरी बिक्री, फर्जी ऋण अथवा बिना सहमति नामांतरण की गुंजाइश खत्म हो जाती है।
पहले पटवारी कार्यालय के चक्कर लगाने और हफ्तों इंतजार करने के बजाय अब घर बैठे या ऑनलाइन सेंटर से 1 मिनट में B-1 व खसरा प्राप्त हो जाता है।
समर्थन मूल्य ₹3,100 पर धान बेचने हेतु किसान फार्मर रजिस्ट्री और कृषक उन्नति योजना में डिजिटल B-1 व खसरा 100% अनिवार्य है।
अपने गांव और खसरा नंबर का चयन करके अपनी जमीन का खसरा (P-II) और खतौनी (B-I) रिपोर्ट देखें। इसमें भू-स्वामी का नाम, कुल रकबा (हेक्टेयर/डिसमिल) और सिंचित/असिंचित विवरण स्पष्ट होता है।
अपने नामांतरण आवेदन की वर्तमान स्थिति को ट्रैक करें। ऑनलाइन पंजीयन नंबर डालकर देखें कि आवेदन पटवारी सत्यापन, इश्तिहार जारी होने अथवा तहसीलदार अनुमोदन के किस चरण में है।
जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद नाम बदलने के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। रजिस्ट्री की प्रति, आधार कार्ड और शपथ पत्र अपलोड करके तुरंत ई-नामांतरण पावती प्राप्त करें।
अपने गांव में चल रहे भूमि विवादों अथवा नए नामांतरण के सार्वजनिक इश्तिहार देखें और पुराने स्वीकृत प्रकरणों की प्रमाणित नामांतरण पंजी नकल 1 क्लिक में डाउनलोड करें।