मनरेगा: उपयोग और महत्व
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) एक भारतीय कानून है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का मजदूरी-रोजगार प्रदान करना है, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक कार्य करने के लिए स्वेच्छा से काम करते हैं।
यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी को कम करने, आजीविका सुरक्षा बढ़ाने और ग्रामीण बुनियादी ढांचे (जैसे तालाब, सड़क) का निर्माण करने में मदद करती है। जॉब कार्ड इस योजना के तहत काम पाने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
मनरेगा सेवा व सहायता केंद्र — नरेश ऑनलाइन सेंटर बिलाईगढ़
जॉब कार्ड सूची में नाम चेक कराना, रुका हुआ FTO पेमेंट स्टेटस देखना, नया जॉब कार्ड आवेदन या आधार DBT सीडिंग जांच कराने हेतु संपर्क करें।
मनरेगा जॉब कार्ड के प्रमुख अधिकार
- काम मांगने का अधिकार: ग्राम पंचायत में काम का आवेदन देने पर 15 दिन के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
- बेरोजगारी भत्ता: यदि 15 दिन में काम नहीं मिलता, तो राज्य सरकार द्वारा दैनिक बेरोजगारी भत्ता देय होता है।
- समयबद्ध मजदूरी: मस्टर रोल समाप्ति के 15 दिनों के भीतर बैंक खाते में आधार आधारित DBT मजदूरी अंतरण।
- कार्यस्थल सुविधाएं: कार्यस्थल पर पीने का स्वच्छ पानी, छाया, प्राथमिक उपचार (First Aid) व क्रेच सुविधा।
नया जॉब कार्ड बनवाने के दस्तावेज़
- परिवार के सभी वयस्क सदस्यों का आधार कार्ड
- राशन कार्ड (परिवार के सभी सदस्यों के नाम सहित)
- बैंक पासबुक (आधार से DBT लिंक्ड सक्रिय खाता)
- स्थानीय निवास का प्रमाण (मतदाता परिचय पत्र या निवास प्रमाण)
- पासपोर्ट साइज फोटो (सभी कार्य करने वाले सदस्यों की)
- ग्राम पंचायत सचिव / रोजगार सहायक को आवेदन